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खुलापन लोकतंत्र की ताकत, सुनिश्चित हो कि कोई न करे दुरुपयोग – पीएम

सिडनी डायलॉग को PM मोदी ने किया संबोधित

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@नज़र सेन्ट्रल डेस्क – पीएम मोदी ने गुरुवार को सुबह करीब 9 बजे सिडनी डायलॉग में मुख्य भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और उभरती डिजिटल दुनिया में भारत की केंद्रीय भूमिका की स्वीकार्यता का उल्लेख किया। डिजिटल युग के लाभों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया साइबर से लेकर अंतरिक्ष तक नए जोखिमों और संघर्षों के नए रूपों में खतरों का भी सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि “लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत खुलापन है। साथ ही, हमें कुछ निहित स्वार्थों को इस खुलेपन का दुरुपयोग नहीं करने देना चाहिए”।

इस संदर्भ में उन्होंने क्रिप्टो-मुद्रा का उदाहरण देते हुए कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि सभी लोकतांत्रिक राष्ट्र इस पर एक साथ काम करें और यह सुनिश्चित करें कि यह गलत हाथों में न जाए, जो हमारे युवाओं को खराब कर सकता है”।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति के विषय पर भी बात की। पीएम मोदी के संबोधन से पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन द्वारा परिचयात्मक विवरण दिया गया।

इसके पश्चात पीएम मोदी ने संबोधन में कहा, “यह भारत के लोगों के लिए बड़े सम्मान की बात है कि आपने मुझे सिडनी डायलॉग के उद्घाटन में मुख्य भाषण देने के लिए आमंत्रित किया है। मैं इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उभरती डिजिटल दुनिया में भारत की केंद्रीय भूमिका की मान्यता के रूप में देखता हूं।”

डिजिटल युग हमारे चारों ओर बदल रहा सब कुछ

पीएम मोदी ने इससे आगे कहा कि डिजिटल युग हमारे चारों ओर सब कुछ बदल रहा है। इसने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज को फिर से परिभाषित किया है। यह संप्रभुता, शासन, नैतिकता, कानून, अधिकारों और सुरक्षा को लेकर नए सवाल उठा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा, शक्ति और नेतृत्व को नया आकार दे रहा है।

भारत में हो रहे 5 महत्वपूर्ण परिवर्तन

उन्होंने यह भी बताया कि इससे भारत में 5 महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं। एक, हम दुनिया की सबसे व्यापक सार्वजनिक सूचना अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं। 1.3 अरब से अधिक भारतीयों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान है। हम छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने की राह पर हैं।

दूसरा, हम शासन, समावेश, सशक्तिकरण, कनेक्टिविटी, लाभ वितरण और कल्याण के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग करके लोगों के जीवन को बदल रहे हैं।

तीसरा, भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्टार्टअप इको-सिस्टम है। हर कुछ हफ्तों में नए यूनिकॉर्न सामने आ रहे हैं। वे स्वास्थ्य और शिक्षा से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक हर चीज का समाधान मुहैया करा रहे हैं।

चौथा, भारत का उद्योग और सेवा क्षेत्र, यहां तक कि कृषि भी बड़े पैमाने पर डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। हम स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी का भी उपयोग कर रहे हैं।

पांचवां, भारत को भविष्य के लिए तैयार करने का बड़ा प्रयास है। हम 5जी और 6जी जैसी दूरसंचार प्रौद्योगिकी में स्वदेशी क्षमताओं के विकास में निवेश कर रहे हैं।

आज प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा उत्पाद डाटा

भारत के लचीलेपन और डिजिटल संप्रभुता के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हम हार्डवेयर पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम सेमी-कंडक्टर के प्रमुख निर्माता बनने के लिए प्रोत्साहन पैकेज तैयार कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार में हमारी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएं पहले से ही भारत में आधार स्थापित करने के लिए स्थानीय और वैश्विक प्लेयर्स को आकर्षित कर रही हैं। पीएम मोदी ने कहा आज प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा उत्पाद डाटा है। भारत में, हमने डाटा सुरक्षा, गोपनीयता और सुरक्षा का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। और, साथ ही, हम लोगों के सशक्तिकरण के स्रोत के रूप में डाटा का उपयोग करते हैं।

भारत की I.T प्रतिभा ने वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में की मदद

भारत की आईटी प्रतिभा ने वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में मदद की। इसने Y2K समस्या से निपटने में मदद की। साथ ही इसने हमारे दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली प्रौद्योगिकियों और सेवाओं के विकास में भी योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि Y2K के समस्या से निपटने में भारत का योगदान और दुनिया को ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में कोविन प्लेटफॉर्म की पेशकश करना भारत के मूल्यों और दूरदृष्टि का उदाहरण हैं। “भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पुरानी हैं; इसके आधुनिक संस्थान मजबूत हैं और, हमने हमेशा दुनिया को एक परिवार के रूप में देखा है”।

सोर्स :- एजेंसी

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