Nazar24x7 हरपल - हरदम
www.nazar24x7.com समाचारों व् विचारों का ऐसा पोर्टल है जो शहरों की चकाचौंध से इतर गाँव की सौंधी महक से लबरेज , आप तक उन ख़बरों को लाने का एक गिलहरी प्रयास कर रही है जिन्हें भारत की मुख्यधारा मीडिया अक्सर दबा देती है या तो नजरअंदाज कर देती है | आप निश्चिन्त हो सकते हैं क्योंकि वहाँ रहेगी हमारी नज़र 24x7 हरपल -हरदम |

अधिवक्ता की कलम कॉलम में आज की जानकारी ( 20 ) : – कर्तव्य के दौरान नक्सली घटना में मारे गए पुलिस कर्मी व् सरकारी सेवकों के लिए प्रावधान 2

0

यहाँ ये स्पष्ट करना सुसंगत होगा कि भुगतेय राशि की गणना करते समय सम्बंधित सरकारी सेवक यदि जीवित हैं तो भविष्य में प्रोन्नति , वेतन वृद्धि , आदि कारणों से जो लाभ प्राप्त होता उस राशि की गणना नहीं की जायेगी और मृत्यु की तिथि को जो वेतन प्राप्त हो रहा होगा उसे ही आधार माना जाएगा।

कर्तव्य के दौरान नक्सली घटना में मारे गए पुलिस कर्मी व् सरकारी सेवकों के लिए प्रावधान 2

@नज़र डेस्क क़ानूनी सलाहअवनीश रंजन मिश्र ,अधिवक्ता उच्य न्यायालय ,रांची ( अधिवक्ता की कलम कॉलम ) :- पुलिस पदाधिकारी/ कर्मी अथवा किसी अन्य सरकारी सेवक की कर्त्तव्य के दौरान उग्रवादी हिंसा में हुई मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार / आश्रित को श्रेणी के निरपेक्ष दस लाख रुपया एकमुश्त अनुग्रह अनुदान दिए जाने का प्रावधान है ।

पुनः मृत पुलिस पदाधिकारी /कर्मी अथवा अन्य सरकारी सेवको की मृत्यु की तिथि को जो वेतन प्राप्त हो रहा होगा। उस वेतन को आधार मान कर। एतद सम्बन्धी सरकारी सेवक को जो उसकी सेवानिवृत्ति की तिथि को देय होगा। उस पुरे वेतन की गणना करने के उपरान्त की सम्पूर्ण राशि को एकमुश्त उनके परिवार /आश्रित को भुगतान कर दिए जाने का प्रावधान है।

यहाँ ये स्पष्ट करना सुसंगत होगा कि भुगतेय राशि की गणना करते समय सम्बंधित सरकारी सेवक यदि जीवित हैं तो भविष्य में प्रोन्नति , वेतन वृद्धि , आदि कारणों से जो लाभ प्राप्त होता उस राशि की गणना नहीं की जायेगी और मृत्यु की तिथि को जो वेतन प्राप्त हो रहा होगा उसे ही आधार माना जाएगा।

यहाँ वेतन का अभिप्राय सिर्फ मूल वेतन और महंगाई भत्ता से तथा नियुक्त कियी जाने वाले आश्रित की परिभाषा वही होगी जो अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति के मामले में होती है। ऐसे राजपत्रित सरकारी पदों को छोड़ कर , जिन पर लोक सेवा आयोग की अनुसंशा पर नियुक्ति होती है। किसी अन्य पद पर सम्बंधित मृत सरकारी सेवक के एक आश्रित को अत्यंत प्राथमिकता एवं द्रुत गति के आधार पर नियुक्त किये जाने की व्यवस्था है। जारी……

लेखक परिचय

AvnishRanjanMishrअवनीश रंजन मिश्र ( M.Sc , L.Lb , LLM , PGDHR )
अधिवक्ता , झारखंड उच्च न्यायालय ,राँची में प्रैक्टिस करते हैं।
श्री अवनीश रंजन मिश्र सामाजिक कार्यों में भी बढ़ – चढ़कर हिस्सा लेते हैं , इसके अलावा वह विभिन्न सरकारी / अर्धसरकारी संस्थानों में भी व्याख्याता एवं सलाहकार के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। जिसमें –

1. अतिथि व्याख्याता एवं सलाहकार झारखण्ड पुलिस अकादमी , हज़ारीबाग़।
2. सलाहकार , झारखंड सशस्त्र पुलिस 7 , हज़ारीबाग़।
3. सलाहकार , हज़ारीबाग़ जिला पुलिस , हज़ारीबाग़।
4. अतिथि व्याख्याता अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय , रांची।
5. पूर्व पैनल अधिवक्ता , रांची नगर निगम , रांची।
6 पैनल अधिवक्ता , झालसा , न्याय सदन , रांची

लेखक से संपर्क करने का माध्यम

ईमेल :- advocateawanish@gmail.com
Mobile / WhatsApp No.- 94311 41694

नोट :- आप अपना सवाल कमेंट बॉक्स में लिखकर या सीधे संपर्क कर लेखक से पूछ सकते हैं

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More